Ashok Gehlot Chief Minister of Rajasthan

जन आधार योजना: एक नया राजस्थान का निर्माण

माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा परिवर्तित बजट 2019-20 में की गई बजट घोषणा कीअनुपालना में विभिन्न योजनाओं के लाभ सरलता‚ सुगमता एवं पारदर्शी रूप से आमजन तकपहुँचाने के उद्देश्य से ‘एक नम्बर‚ एक कार्ड‚ एक पहचान’ की विचाराधारा के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए “राजस्थान जन-आधार योजना” की घोषणा की गई थी।

राजस्थान भौगोलिक दृ्ष्टि से देश का सबसे बड़ा राज्य होने के नाते‚ दूर दराज के क्षेत्रों में रहने वाले निवासियों को सरकारी सेवाएं प्रदान करना विशिष्ट चुनौती हैं‚ इसलिए वितरण की समस्याओं एवं बाधाओं को दूर करने के लिए सेवा प्रदायगी की एक मजबूत इलेक्ट्रॉनिक प्रक्रिया की आवश्यकता थी, जिसके माध्यम से पारदर्शी तरीके से निवासियों को प्रदत्त जन-कल्याण के लाभों को उनके घर के समीप पहुँचाया जा सके। जन-आधार योजना सरकार के विभिन्न सेवाप्रदायगी माध्यमों को कम करके एक-कार्ड, एक-संख्या, एक-पहचान के सिद्धांत के साथ राज्य की संपूर्ण सेवा प्रदायगी तंत्र को एकीकृत कर केवल एक माध्यम से निवासियों तक पहुँचा कर इस उद्देश्य को पूरा करती है ।

जन-आधार संख्या का लक्ष्य एक परिवार और एक व्यक्ति को एकल पहचान प्रदान करना है। यह  एकमात्र साधन के रूप में सभी प्रकार के नकद के साथ-साथ गैर-नकद लाभ और सेवाओं की प्रदायगी ई-मित्र कियोस्क के एक अंतर–समाहित नेटवर्क के माध्यम से निवासियों के द्वार तक,पहुंचाती है।